Thursday, 5 October 2017

इथोपिया में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    इथोपिया। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इथोपिया में भारत के राजदूत अनुराग श्रीवास्तव द्वारा आयोजित भारतीय समुदाय स्वागत समारोह को संबोधित किया।

  राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इथोपिया में भारतीय समुदाय भारत-इथोपिया संबंधों का केंद्र बिन्दु रहा है। इन्होंने अध्यापक एवं शिक्षाविद् के तौर पर मेजबान देश के राष्ट्रीय निर्माण में सहयोग दिया है। उद्यमी के तौर पर आर्थिक सुअवसरों को उत्पन्न किया है और स्थानीय लोगों को कौशल प्रदान किया है। तकनीकी विशेषज्ञ एवं कर्मचारी के तौर पर इथोपिया के उद्योग की महत्ता को बढ़ावा दिया है।
     भारतीय समुदाय ने इथोपिया के समाज में अपने लिए सम्मान कड़ी मेहनत और समर्पण से प्राप्त किया है। भारतीय समुदाय ने भारतीय मूल्यों, पारिवारिक परम्परा और नैतिक कार्यों को संभाल कर रखा है एवं आगे बढ़ाया है। 
        राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इथोपिया भी भारत की तरह विविधताओं से भरा देश है और विभिन्न भाषाओं और पाक कलाओं, संगीत, नृत्य एवं नाटय कलाओं की भूमि है। भारतीय समुदाय को स्थानीय ग्रहणशील संस्कृति का लाभ लेना चाहिए और अपनी संस्कृति को साझा एवं इसका प्रदर्शन करना चाहिए। 
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और इथोपिया दोनों के पास विशाल युवा जनसंख्या है। युवा भविष्य हैं और नये विचारों का आयुर्भाव उन्हीं पर निर्भर करता है। उन्होंने भारतीय समुदाय को इथोपिया के युवाओं से जुड़ने के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी। 
     उन्होंने कहा कि बेहतर विश्व निर्माण के लिए, चाहे वह जलवायु परिवर्तन से निपटने या लोगों को कौशल प्रदान करने में, उनके विचार समाधान का काम करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार प्रवासी समुदाय के साथ दीर्घकालिक एवं सक्रिय संपर्क जारी रखना चाहती है। इस संपर्क का मुख्य उद्देश्य भारत में हो रहे परिवर्तनकारी बदलाव के साथ, समुदाय के साथ परिचित होना भी है। 
      प्रवासियों के साथ संवाद भी संभावनाओं को आकार देना और मंच प्रदान करने के उद्देश्य से है, जिससे यह भारत की प्रगति और विकास में प्रतिभागिता कर सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार विदेशी भारतीय समुदाय के हितों का ध्यान रखती है और इनके साथ खड़े रहने का दायित्व को निभाती है। 
     उन्होंने वर्ष 2015 में यमन में ऑपरेशन राहत के दौरान भारतीय नागरिकों को यमन और लीबिया से सुरक्षित निकालने और हाल ही में संयुक्त राज्य अमरीका के कुछ हिस्सों में बाढ़ के दौरान परिवारों को सहायता के प्रयासों का उल्लेख किया। 
    अदीस अबाबा में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय इथोपियन समुदाय के लगभग 500 सदस्यों ने भाग लिया। भारतीय समुदाय इस पूरे देश में फैला हुआ है और इनकी संख्या लगभग 5000 है। राष्ट्रपति कोविंद का इथोपिया दौरा आज भी जारी रहेगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जिबूती पहुंचने पर स्वागत

    अफ्रीका। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उनके अफ्रीका के दौरे के दूसरे दिन जिबूती के राष्ट्रपति पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया।

    उन्होंने जिबूती गणराज्य के राष्ट्रपति इस्माइल उमर गुलेह के साथ सलामी गारद का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत का आयोजन भी किया गया। 
      दोनों राष्ट्रपतियों की उपस्थिति में विदेशी कार्यालय स्तर पर भारत और जिबूती के बीच नियमित राजनीतिक सलाह स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। 
     जिबूती का दौरा करने वाले प्रथम भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बातचीत के दौरान परिस्थितियों और विषयों जैसे आतंकवाद, नवीकरणीय ऊर्जा और विशेषतः अंतर्राष्ट्रीय सौर संधि की सदस्यता के लिए जिबूती का सहयोग, भारतीय महाद्वीप क्षेत्र में समुद्री सहयोग और जिबूती के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए भारत द्वारा सहयोग निर्माण क्षमता और तकनीकी का विशेष उल्लेख किया। 
     राष्ट्रपति कोविंद ने भारत द्वारा 2015 में संघर्षरत यमन में वहां के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन राहत के दौरान जिबूती के सहयोग के लिए राष्ट्रपति गुलेह का विशेष तौर पर धन्यवाद किया। इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद ने जिबूती गणराज्य के राष्ट्रपति की मेजबानी में दोपहर के राजभोज में हिस्सा लिया। 
      इसके बाद, दो देशों के अफ्रीका दौरे के दूसरे चरण में राष्ट्रपति कोविंद इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा के लिए रवाना हुए। अदीस अबाबा में बोले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इथोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मुलातू तिशोम की विशेष उपस्थिति में राष्ट्रपति कोविंद का स्वागत किया गया। 
     इसके बाद राष्ट्रपति को सलामी गारद प्रदान किया गया और उन्होंने इथोपिया के सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम का आनंद भी लिया। राष्ट्रपति कोविंद पिछले 45 वर्षों में इथोपिया का दौरा करने वाले भारत के पहले और अब तक इथोपिया का दौरा करने वाले तीसरे भारतीय राष्ट्रपति हैं।
      इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति वी.वी. गिरी ने वर्ष 1972 और राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन ने वर्ष 1965 में इथोपिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति अदीस अबाबा में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का इथोपिया दौरा 5 अक्टूबर, 2017 को भी जारी रहेगा।

Thursday, 28 September 2017

अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी डॉ. अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की

      नई दिल्ली। अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी डॉ. अब्दुल्ला का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत उन्हें एक नजदीकी दोस्त समझता है।

    हम अफगानिस्तान के कठिन परिस्थितियों में आपके द्वारा दी गई नि:स्वार्थ सरकार की प्रशंसा करते हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत अफगानिस्तान को मात्र एक रणनीतिक साझेदार ही नहीं बल्कि एक ऐसा देश समझता है, जो हमारे हृदय के करीब है। 
        लोगों के आपसी संबंधों के जरिए भारत-अफगानिस्तान संबंध बेहद मजबूत हुए हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानी, ‘काबुलीवाला’ की प्रतिध्वनि प्रत्येक भारतीय के हृदय में सुनी जा सकती है। प्रत्येक भारतीय काबुल से आए किसी भी व्यक्ति पर पूरा भरोसा करता है। 
     राष्ट्रपति ने कहा कि इसी महीने भारत और अफगानिस्तान के मध्य एक विकास आधारित साझेदारी की घोषणा हुई है। दोनों ही पक्ष अफगानिस्तान के साजाजिक व आर्थिक विकास की परियोजनाओं में सहयोग कर रहे हैं। भारत अफगानिस्तान को हर संभव मदद जारी रखेगा। 
     राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अफगान नेशनल डिफेंस और सिक्युरिटी फोर्सेज द्वारा आतंक के खिलाफ लड़ाई में उनके बलिदान के प्रति गहरा सम्मान रखता है। हम अफगानिस्तान में भारतीयों की सुरक्षा के लिए आपके ऋणी हैं। इसमें कोई संशय नहीं है कि अफगानिस्तान के लोग लंबे समय से पीड़ित रहे हैं। 
      आतंक के कारण पीढियां बर्बाद हो गई हैं। हम शांति के प्रति उनकी इच्छा से सहानुभूति रखते हैं। अफगानिस्तान के लोग शांति, स्थायित्व और समृद्धि चाहते हैं। हम उनके साथ खड़े हैं।

Tuesday, 26 September 2017

इंडोनेशिया भारत में व्यापार व निवेश बढाने पर सहमत

   नई दिल्ली। भारत और इंडोनेशिया के बीच दूसरी द्विवार्षिक व्यापार मंत्री स्तरीय बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु और इंडोनेशिया का प्रतिनिधित्व व्यापार मंत्री इनगारिस्तो लुतिका ने किया। 

     बैठक में दोनो पक्ष व्यापार से जुडे मुद्दो, व्यापार सुगम करने और निवेश बढाने के लिए व्यापार और निवेश और व्यापार सुविधा और समाधान पर कार्यकारी दल की बैठक शीघ्र बुलाने पर सहमत हुए। ये कार्यकारी दल सेवाओ को सुगमता से लागू करने और दोनो देशो के बीच समान रूचि के विषयो जैसे मुद्दो पर भी विचार-विमर्श करेंगे। प्रभु और लुतिका फार्मा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दो का समाधान करने के लिए नियामको की बैठक बुलाने पर भी सहमत हुए।
      बैठक के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने बाजार तक पहुंच, फार्मा, स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पाद और पशु मांस से जुडी नियामक बाधाओ जैसे मुद्दो को उठाया। इंडोनेशिया ने विचार विमर्श के बाद दुग्ध उत्पादो के पंजीकरण, वनस्पति पर आधारित ताजा खाद्य पदार्थ और मांस प्रसंस्करण सुविधाओ पर निगरानी दौरे पर सहमति व्यक्त की। 
      इसके साथ ही भारत में निर्मित स्वचालित और वाहन के उपकरणो के लिए बाजार तक पहुंच के साथ-साथ संयुक्त उपक्रम, वस्त्र उद्योग उपकरणो, वस्त्र पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र में अधिक निवेश के अवसरो पर भी बातचीत हुई। दोनो मंत्री आर्थिक सहयोग और दिवपक्षीय भागीदारी को मजबूत करने के लिए सरकारी व्यापार और उद्यमियो आदि अंशधारको के बीच अधिक सहयोग बढाने पर सहमत हुए। 
     बैठक में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इंडोनेशिया से भारत में निर्माण, भारत में निवेश और स्टार्ट अप इंडिया जैसी योजनाओ से मिले अवसरो का लाभ उठाने का अनुरोध किया।

Thursday, 21 September 2017

म्‍यांमार नौसेना के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल तिन आंग सैन भारत में

     नई दिल्ली। म्‍यांमार नौसेना के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल तिन आंग सैन वर्तमान समय में भारत के दौरे पर हैं।

    इस यात्रा का उद्देश्‍य भारत और म्‍यांमार के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को सुदृढ़ एवं व्‍यापक बनाना है। एडमिरल ने नई दिल्ली में अपने आगमन से पहले ही तय किये जा चुके कार्यक्रम के तहत मुंबई और कोच्चि स्थित विभिन्‍न नौसेना प्रतिष्‍ठानों का दौरा किया। श्री सैन नई दिल्‍ली में नौसेना प्रमुख, थल सेना प्रमुख और वायु सेना प्रमुख से भेंट करेंगे। 
       एडमिरल इसके अलावा नई दिल्‍ली में रक्षा मंत्रालय के विभिन्‍न गणमान्‍य व्‍यक्ति से विचार-विमर्श करेंगे। भारत और म्‍यांमार के बीच नौसेना क्षेत्र में सहयोग पारंपरिक रूप से काफी सुदृढ़ रह है जिनमें समन्‍वित मौखिक अभिव्यक्ति के जरिए परिचालनात्‍मक परिचर्चाएं, प्रशिक्षण, पोर्ट कॉल, क्षमता निर्माण के साथ मार्ग संबंधी अ‍भ्‍यास और क्षमता वृद्धि पहल शामिल हैं। 
     प्रधानमंत्री द्वारा सितम्‍बर 2017 के आरंभ में की गई म्‍यांमार यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच नौवहन सहयोग के क्षेत्र में तीन सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये गये थे। इसी तरह अगस्‍त 2017 में म्‍यांमार रक्षा बलों के कमांडर इन चीफ की हालिया यात्रा के कुछ ही समय बाद एडमिरल का यह दौरा हुआ है। यह यात्रा दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।

Tuesday, 19 September 2017

सिंगापुर पूर्वोत्तर भारत में कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण करेगा

     नई दिल्ली। सिंगापुर सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र की आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखते हुए गुवाहाटी में कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण करेगा। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने सिंगापुर के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। 

    प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व सिंगापुर के उच्‍चायुक्‍त लिम थूअन कुअन कर रहे थे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, अंतरिक्ष विभाग तथा कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे जिसका नेतृत्‍व डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने किया। 
    सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने उक्‍त तीनों क्षेत्रों में सहयोग की इच्‍छा जताई। गुवाहाटी में कौशल विकास केन्‍द्र की स्‍थापना को लेकर सिंगापुर और असम की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पहले ही तैयार किया जा चुका है। कौशल विकास केन्‍द्र का निर्माण कार्य 2019 तक पूरे होने की संभावना है। 
     पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस पहल का संयोजन करेगा। सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की अपनी इच्‍छा जताई। सिंगापुर ने बाह्य अंतरिक्ष के शान्तिपूर्ण उपयोग की अपनी इच्‍छा जताई।
    इस संबंध में डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि इस मामले को उचित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन के क्षेत्र में भारत के अनुभव और विशेषज्ञता की साझेदारी चाहता है ताकि वह अपने देश में लोक प्रशासन के क्षेत्र में मूल्‍यवर्धन कर सके।
     डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्‍त्री राष्‍ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) और सिंगापुर के बीच पहले से ही एक समझौता है जिसके तहत प्रशासनिक अधिकारी/आईएएस अधिकारी सिंगापुर की यात्रा करते हैं।
      डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि भारत और सिंगापुर एक-दूसरे के प्रति डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, भारत और सिंगापुर हमेशा एक-दूसरे के प्रति अनुकूल रवैया रखते हैं। डॉ. सिंह ने सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्‍होंने नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बहुत प्रभावशाली व्‍याख्‍यान दिया था।

Tuesday, 12 September 2017

अफगानिस्‍तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्‍बानी ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात

      नई दिल्‍ली। अफगानिस्‍तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्‍बानी ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्‍तान के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देता है।

   प्रधानमंत्री ने अफगानिस्‍तान और वहां के लोगों पर थोपे गए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्‍तान को अपने समर्थन को दोहराया। उन्‍होंने अफगानिस्‍तान सरकार और वहां के लोगों को शांतिपूर्ण, संयुक्‍त, लोकतांत्रिक एवं समृद्ध राष्‍ट्र के निर्माण में उनके प्रयासों के प्रति भारत का पूर्ण समर्पण एवं मानवीय आधार पर विकास के लिए सहायता प्रदान करने की अपनी वचनबद्धता को दोहराया।
      विदेश मंत्री रब्‍बानी ने अफग़ान की स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि अफग़ान शांति प्रक्रिया में अफग़ान के नेतृत्‍व, अफग़ान पोषित और अफग़ान द्वारा नियंत्रित होनी चाहिए। विदेश मंत्री रब्‍बानी भारत-अफगानिस्‍तान रणनीतिक सहयोग परिषद की दूसरी बैठक की भारत की विदेश मंत्री के साथ सह-अध्‍यक्षता करने के लिए इस समय भारत की यात्रा पर है।